Career Options in MCA in Hindi (एम.सी.ए के बाद करियर विकल्प)

आजकल के समय में रोज़गार एक बड़ा विषय है। हर एक जगह भारी मात्रा में भीड़ है अपने भविष्य को बनाने की चाह को लेकर।हर एक युवा के सामने रोज़गार एक बहुत बड़ी चुनौती है फिर चाहे वह इंजीनियरिंग का कोर्स हो या मेडिकल्स या कोई भी अन्य प्रफेशनल कोर्स।जैसे जैसे समय बदल रहा है उसी प्रकार से परिवर्तन भी उतनी ही तीव्रता से हो रहा है । इस प्रवेश में परीक्षित ऑपरेटरों की मांगे बढ़ी हैं । १९८० के बाद से जब कंप्यूटर प्रयोग में आया तब से लेकर अब तक हर क्षेत्र में कंप्यूटर की मांगे बढ़ती ही जा रही है आजकल हम हर एक तरह से कंप्यूटर पे ही निर्भर हैं । और इसी के साथ इंटरनेट के उपयोग ने कई सारे क्षेत्रों के भी रास्ते खोल दिए है। इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जो क्रांति आई है उसके परिणाम स्वरूप MCA क्षेत्र के लिए नौकरियों  में भारी वृद्धि हुई है

प्रकाश डालते हैं की MCA एक कैसा कोर्स  है और इसके लिए क्या योग्यताएं होनी चाहिए:

MCA (मास्टर  ऑफ़ कंप्यूटर ऍप्लिकेशन्स ) एक तीन सालों का प्रोफ़ेस्सशनल मास्टर डिग्री प्रोग्राम है  कंप्यूटर साइंस में MCA का उद्देश्य की छात्र अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी टूल्स ऍप्लिकेशन्स को पूर्ण रूप से जाने तथा उनमें कार्यरत रहे ताकि इनफार्मेशन टेक्नोलॉजीज के क्षेत्रों में जो तेज़ी से वृद्धि हो रही है उस ज़रूरत को पूरा करने में सक्षम रहें MCA के छात्रों को ज़रूरत है की वो निम्नलिखित  विषयों में पढ़े लिखे हों:

  • फ़ाइनेंशियल मैनेजमेंट
  • एकाउंटिंग
  • मैथमैटिक्स
  • प्रोग्रामिंग लंगजेस: C , जावा , एस्प. नेट , वेब डवलपमेंट , डेटाबेस , मैनेजमेंट सिस्टम, आदि ।

आप भी कंप्यूटर एप्लीकेशन में स्नातक और परास्नातक पूरा करके आई.टी. क्षेत्र में पूर्ण रूप से बिना किसी चिंता के नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं।

एम.सी.ए के बाद कम्पनीज भर्ती विकल्प MCA स्टूडेंट्स के लिए:

MCA पोस्ट ग्रेजुएट्स भर्ती किए जाते हैं सरकारी एजेंसीज के द्वारा जैसे की: NTPC, GAIL, BHEL, आदि, साथ ही साथ प्राइवेट IT कम्पनीज भी  जैसे की Accenture , Infosys , Wipro , TCS , Cognizant , IBM , American Express , HCL , HP और आदि एक फ्रेशर के रूप में एक MCA प्रोफेशनल को लगभग २.४ लाख से लेकर ३.४ लाख तक की तनख्वाह मिल सकती है अगर आपको एक्सपीरिएंस है तो और साथ ही साथ आपको अपना टैलेंट प्रदर्शित करने के लिए किसी भी तरह की कोई लिमिटेशंस का सामना नहीं करना  पड़ेगा कुछ वर्षों के अनुभव के साथ, एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर लीड, एक विश्लेषक, एक परियोजना प्रबंधक, एक महाप्रबंधक और इतने पर बन सकता है। शुरू में MCA के छात्रों को LIVE प्रोजेक्ट्स शुरू करने से पहले छात्रों को कुछ हफ्तों की ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें शुरुआत में अलग-अलग मापदंडों और क्षेत्रों में हर तरह से काम करने की आवश्यकता होती है और फिर धीरे-धीरे एक विशिष्ट क्षेत्र में विशेषज्ञ हो जाते हैं।

  1. सॉफ्टवेयर डेवलपर / प्रोग्रामर / इंजीनियर:

सॉफ्टवेयर डेवलपर्स डिजाइन, इंस्टाल, टेस्टिंग और सॉफ्टवेयर सिस्टम को  पूर्णतः बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होते हैं। वे ग्राहक की जरूरतों का विश्लेषण करके और उन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सिस्टम को री-डिजाइन करके आईटी सेवाएं प्रदान करते हैं।यह एक बहुत ही रचनात्मक क्षेत्र है जो कोडिंग की सामान्य नौकरी से रोचक है।

  1. त्रौब्लेशूटेर :

त्रौब्लेशूटेरस किसी भी संगठन की जीवन रेखा होते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रौद्योगिकी (हार्ड वेयर और सॉफ़्टवेयर) उन सभी के लिए आसानी से सुलभ है, जिन्हें उनकी आवश्यकता है। यदि कोई मुद्दा सामने आता है, तो समस्या निवारक उसे हल करने का जिम्मा उठाते हैं ताकि परियोजनाओं को समय पर पहुंचाया जा सके। वे सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और अन्य लोगों द्वारा आवश्यक संसाधनों को बनाए रखते हैं।

  1. सिस्टम विश्लेषक:

एक सिस्टम विश्लेषक व्यवसायों को चलाने और दक्षता बढ़ाने के लिए अभिनव आईटी समाधान डिजाइन करने के लिए जिम्मेदार है। उनकी भूमिका वर्तमान व्यावसायिक स्थिति, व्यावसायिक प्रक्रियाओं और मॉडलों का और किसी भी रूप का  अध्ययन करना है, और अपने ग्राहकों के लिए सॉफ्टवेयर के संदर्भ में बेहतर आईटी समाधानों को डिजाइन करना है। वे सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और ग्राहकों के बीच एक सेतु हैं।

  1. सॉफ्टवेयर अनुप्रयोग वास्तुकार:

सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट की भूमिका आईटी उत्पादों या सेवाओं के आर्किटेक्चर और डिजाइन में उच्च-स्तरीय निर्णय लेने की है। वह सॉफ्टवेयर कोडिंग मानकों, उपकरणों और प्लेटफार्मों जैसे तकनीकी दिशानिर्देश और प्रोटोकॉलस को विकसित करता है। वे अपना काम पूरा करने के लिए कई सॉफ्टवेयर वास्तुशिल्प मॉडलों का उपयोग करते हैं

एम.सी.ए के बाद करियर विकल्प क्या क्या हो सकते हैं:

अपनी एमसीए पूरी करने के बाद, आप एमई (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) भी कर सकते हैं. अगर आप अपनी एमसीए पूरी करने के बाद भी अपनी पढ़ाई पूरी तरह से जारी रखना चाहते हैं तो आप एमई (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) का कोर्स कर सकते हैं. एमई में एडमिशन लेने के लिए योग्यताएं इस प्रकार होनी चाहिए एमसीए (10+2+3+3 वर्ष पैटर्न) या बीई/ बीटेक है. एमसीए के बाद पीएचडी करने के लिए, आपके पास एमसीए की डिग्री और मान्य गेट के स्कोरस अवश्य ही होने चाहियें. पीएचडी की कम से कम अवधि 2 वर्ष और अधिकतम अवधि 5 वर्ष है. कंप्यूटर साइंस में पीएचडी करने के लिए टॉप इंस्टिट्यूट्स की लिस्ट निम्नलिखित है:  

  • बंगाल इंजीनियरिंग एंड साइंस यूनिवर्सिटी (बीईएसयू), कोलकाता
  • डिपार्टमेंट ऑफ़ कंप्यूटर साइंस, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, (बीएचयू) बनारस
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, दिल्ली
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, गुवाहाटी
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, हैदराबाद
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, कानपुर
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, मुंबई
  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, कालीकट (एनआईटीसी)
  • सिम्बायोसिस इंस्टिट्यूट ऑफ कम्प्यूटर स्टडीज एंड रिसर्च (एसआईसीएसआर), पुणे
एमसीए करने के बाद जरुर सीखें ये महत्वपूर्ण आईटी स्किल्स:
  • एक अच्छा प्रोग्रामर बनने के लिए, आपको कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज जैसेकि, जावा, सी++, सी, .नेट और एएसपी.एनईटी की अच्छी जानकारी होनी चाहिए.
  • जिन कैंडिडेट्स को वेब डिजाइनिंग फील्ड पसंद है, उन्हें सीएसएस, पीएचपी, जावा स्क्रिप्ट और एचटीएमएल जैसी लैंग्वेजेज की पूरी जानकारी होनी चाहिए.
  • अगर आप नेटवर्किंग फील्ड में काम करना चाहते हैं तो आपको लिनक्स, एसक्यूएक आदि की अच्छी जानकारी होनी चाहिए. अपने भावी रिक्रूटर्स का ध्यान आकर्षित करने के लिए आप सीसीएनपी, सीसीएनए और सीसीआईई में क्विक सर्टिफिकेशन्स जरुर प्राप्त करें

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Date: 15 Mar 2019

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