विज्ञान से 12वीं के बाद करियर विकल्प


प्रस्तावना

10 और 12 की बोर्ड परीक्षा चल रही है। जाहिर है, 12 वीं पास करने के बाद छात्र उच्च शिक्षा की ओर रुख करेंगे। परीक्षा की तैयारी के दौरान, आपका दिमाग केवल यही सोचता होगा कि अब आगे क्या करेंगे, किस क्षेत्र में अपना करियर बनाएँगे ? आज, हम इसी विषय पर चर्चा करेंगे कि विज्ञान से 12वीं के बाद कौन-कौन से करियर विकल्प है और उन्हें कैसे प्राप्त किया जा सकता है? ऐसे बहुत से छात्र है जोकि अपनी एचएससी [10+2] की पढ़ाई के दौरान ही यह सुनिश्चित कर लेते हैं कि उन्हें भविष्य में क्या करना है, कैसे करना है, और कब करना है। इस तरह के छात्रों के लिए ज्यादा मुश्किल नहीं होता है, अपने लिए कोई भी निर्णय लेना। लेकिन कुछ ऐसे भी छात्र होते है जोकि १२वी परीक्षा पूरा होने तक भी यह तय नहीं कर पाते कि उन्हें भविष्य में क्या करना है, किस फ़ील्ड में उन्हें अपना करियर बनाना है?

यह महत्व नहीं रखता है कि आप किस वर्ग के हो बल्कि यह महत्व रखता है की आप आप १२ वी के बाद क्या करते हो किस फ़ील्ड में अपना कैरियर बनाते हो। जब भी कोर्सेज को चुनने का सोचेंगे तो आपके सामने विभिन्न प्रकार के कॉर्स, स्ट्रीम्स, कई तरह के इंट्रेंस एग्जाम्स और करियर फील्ड की भरमार होगी।लेकिन इन सबसे आपको बेस्ट खोजना होगा. यह किसी भी स्टूडेंट्स और उसके पेरेंट्स के लिए आसान न होता है। इसीलिए हमने आज यह पोस्ट लिखी। आशा है आपको ये पसंद आएगा  और आपके लिए लाभदायक होगा। उसी पेज पर अंत तक बने रहें।

“साइंस स्ट्रीम” छात्रों की हमेशा से ही पहली पसंद रही है क्योंकि ये छात्रों के लिए कई रोमांचक और आकर्षक रोज़गार के अवसर प्रदान करती है. ज्यादातर माता-पिता माध्यामिक शिक्षा [high school] की पढ़ाई पूरा होने के बाद अपने बच्चों को साइंस स्ट्रीम का चयन करने के लिए ही प्रेरित करते हैं, क्योंकि यह एक ऐसा फ़ील्ड है जो आगे चलकर ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल पर प्रोफेशनल तथा साइंटिफिक कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए अपेक्षित होती है. एक साइंस स्ट्रीम के छात्र के रूप में छात्रों को पर्यवेक्षण द्वारा प्राकृतिक घटनाओं से जुड़े विषय वस्तुओं  की सिस्टमेटिक साइंटिफिक स्टडी के साथ साथ उनकी थियरेटिकल और प्रैक्टिकल स्टडी भी करना पड़ता है.

कैसे करें सही ग्रेजुएशन कोर्सेज का चयन [How to Choose the Right Graduation Course]

  1. अपनी रुचि का हमेशा रखें ख्याल: किसी भी कोर्स का चयन करने से पहले सुनिश्चित करें कि आप क्या चाहते हैं। आपकी रूचि किस फ़ील्ड में है आपको किस तरह का काम पसंद है।
  2. पाठ्यक्रम की समझ: किसी भी पाठ्यक्रम का चुनाव करते समय उसकी विषय वस्तु के बारे में जानकारी हासिल करना आपकी सर्वप्रथम कोशिश होनी चाहिए, साथ ही ये भी जानने की कोशिश करे कि यह किन किन क्षेत्रों को कवर करता है? अगर आप खुद से जानकारी हासिल करने में असमर्थ है तो किसी करियर काउंसेलर की सलाह अवश्य लें। आप कॉलेज दिशा की कोर्स काउंसेलर की भी सहायता ले सकते है।
  3. भविष्य गत संभावनाएं: कॉलेज कोर्सेज का चयन करते समय ध्यान रखने योग्य एक महत्वपूर्ण विषय है उस कोर्स की भविष्य-गत संभावनाएं. यदि आप लीक से हटकर किसी नए कोर्स का चयन कर रहे हैं तो भविष्य में उसके विस्तार तथा उसमें विकास की संभावना पर बहुत गहराई से विचार करने कि आवश्यकता होती है. साथ साथ यह भी देखना चाहिए कि इस फ़ील्ड में नौकरी मिलने के आसार कितने हैं ? इसके अतिरिक्त या भी देखना चाहिए कि इस फ़ील्ड में नौकरी करके उच्च अध्ययन की जा सकती है या नहीं. अगर ये सारी बातें किसी फ़ील्ड में संभव नजर आती हो तो बेशक वह फ़ील्ड आपके लिए फ़ायदेमंद रहेगा.

12 वीं के बाद उपलब्ध कुछ लोकप्रिय कॉलेज पाठ्यक्रम:

12 वीं के बाद आम तौर पर भारतीय छात्र दो ही कोर्सेज इंजीनियरिंग [Engineering] या फिर मेडिकल [Medical] कोर्स का चयन करते है। लेकिन इंडिया में सिर्फ यही दो कोर्सेज नहीं है, आज के परिदृश्य में, नित्य नये नये उभरते विकल्पों की वजह से उनके समक्ष अब कई अन्य कोर्सेज का विकल्प मौजूद है। अब पुरानी अवधारणाओं को तोड़ते हुए छात्र अपनी प्रतिभा के अनुरूप इन नए ऑफ़-बीट कोर्सेज का चयन कर उसमें सफलता भी हासिल कर रहे हैं। यहाँ हम कुछ कोर्सेज का उल्लेख कर रहे है। हमें आशा है की ये पोस्ट आपके लिए लाभदायक होगी ।

इंजीनियरिंग [Engineering]

इंजीनियरिंग एक ऐसा कोर्स है जो 12वी के बाद उच्च शिक्षा के लिए सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।यह एक प्रोफेशनल डिग्री कोर्स है इसीलिए युवा छात्र इसको ज्यादा पसंद करते है । यदि उम्मीदवारों के पास न्यूनतम 50% अंकों के साथ 12 वीं कक्षा में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित विषय हैं तो वे इंजीनियरिंग कोर्स करने के लिए पात्र हैं। आज के दौर में, इंजीनियरिंग फ़ील्ड बढ़ती लोकप्रियता के साथ-साथ, बहुत ही कॉम्पीटिटिव भी हो गया है। इस कोर्स को शीर्ष कॉलेज में पढ़ने क लिए, छात्रों को विशेष कॉलेज का इंट्रेंस एग्जाम भी पास करना होगा। संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एक सबसे लोकप्रिय परीक्षा है, जो देश भर में इंजीनियरिंग उम्मीदवारों के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा आयोजित की जाती है। जेईई परीक्षा के स्कोर पूरे भारत के कॉलेजों में स्वीकार्य हैं। पिछले वर्ष 11 लाख के आस-पास छात्र जेईई मेन परीक्षा में शामिल हुए थे, यह छात्रों के बीच इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों की लोकप्रियता को दर्शाता है। विज्ञान के छात्रों के लिए उपलब्ध इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला है। मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर साइंस, सिविल एंड बायो-टेक्नोलॉजी कुछ सबसे पसंदीदा इंजीनियरिंग स्ट्रीम्स में से कुछ हैं। नैनो टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल,पेट्रोकेमिकल, ओसियन इंजीनियरिंग इत्यादि जैसे कुछ अपेक्षाकृत नए क्षेत्र भी लोकप्रियता प्राप्त कर रहे हैं और ग्रेजुएशन लेवल पर कुछ रोमांचक करियर विकल्प प्रदान कर रहे हैं।

कुछ लोकप्रिय इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम और उनकी धाराएँ

  • बैचलर्स  ऑफ़ टेक्नोलॉजी [B. Tech]
  • बैचलर्स  ऑफ़ इंजीनियरिंग  [B.E]
    • मैकेनिकल इंजीनियरिंग [Mechanical Engineering]
    • एलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग [Electrical Engineering]
    • सिविल इंजीनियरिंग [Civil Engineering]
    • केमिकल इंजीनियरिंग  [Chemical Engineering]
    • कंप्यूटर  साइंस इंजीनियरिंग [Computer Science Engineering] और बहुत सारे।

इंजीनियरिंग छात्रों के लिए कुछ प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं के नाम निम्नलिखित है –

प्रवेश परीक्षा

कॉलेज/यूनिवर्सिटी

जेईई मेंस [JEE Mains]

देश भर के सभी मुख्य इंजीनियरिंग कॉलेजों द्वारा मान्य

जेईई एडवांस [JEE Advanced]

सभी आईआईटी संस्थानों द्वारा मान्य

बीआईटीएसएटी [BITSAT]

बिट्स पिलानी

एसआरएमजेईईई [SRMJEEE]

एसआरएम चेन्नई

वीआइटीईईई [VITEEE]

वीआईटी यूनिवर्सिटी,वेल्लोर

आइपीयू सीईटी [IPU-CET]

  इन्द्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी,दिल्ली


मेडिकल साइंस [Medical Science]

इंजीनियरिंग के बाद, साइंस स्ट्रीम स्टूडेंट्स क लिए अगर कोई दूसरा पसंदीदा विकल्प है तो मेडिकल या मेडिसिन फ़ील्ड है. वास्तव में मेडिकल में छात्र जीवन और उसके इर्द-गिर्द की हर चीज का अध्ययन करते है. अगर कोई डॉक्टर बनना चाहता है तो केवल मेडिकल स्ट्रीम ही है जिसके माध्यम से आप मेडिसिन की पढ़ाई कर अपना करियर मेडिकल फ़ील्ड में बना सकते है. 12 वीं के बाद, चिकित्सा विज्ञान के अध्ययन के भाग के रूप में फार्मेसी, कृषि विज्ञान और जीव विज्ञान का भी अध्ययन किया जा सकता है। आज के परिदृश्य में, मेडिकल छात्रों के बीच फार्मेसी में ग्रेजुएशन [Graduation in Pharmacy] एक बहुप्रिय पाठ्यक्रम है. इस कोर्स के माध्यम से, स्टूडेंट्स को यह सिखाया जाता है कि दवाएं कैसे बनाई जाती हैं, वे कैसे काम करते हैं ?  नशीली दवाओं की प्रतिरक्षा, उसका रोगी पर पड़ने वाले विभिन्न प्रभाव आदि का अध्ययन इसके अंतर्गत किया जाता है. वे छात्र जिनके पास 12 वीं स्तर पर भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान विषय है, वे एमबीबीएस सहित मेडिकल साइंस से जुड़े अन्य कोर्सेज करने के लिए पात्र हैं. मेनस्ट्रीम के करियर विकल्पों के अतिरिक्त जेनेटिक्स, माइक्रोबायोलॉजी, आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में मेडिकल रिसर्च मेडिकल छात्रों के लिए महत्वपूर्ण करियर के अवसर प्रदान करता है. बायो टेक्नोलॉजी [Bio-Technlogy] इस क्षेत्र में तुलनात्मक नया कोर्स है, इसे बहुत तीव्र गति से सर्व-प्रियता प्राप्त हो रही है और ग्रेजुएशन के बाद छात्रों के लिए करियर के भरपूर अवसर प्रदान कर रहा है. इन दिनों छात्रों के बीच फिजियोथेरेपी, पोषण और आहार विज्ञान आदि जैसे पाठ्यक्रम भी बहुत लोकप्रिय विकल्प हैं.

कुछ लोकप्रिय अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स और उनकी धाराएँ-

  • बीडीएस (दंत चिकत्सा) BDS (dental miscarriage)
  • बीएएमएस (आयुर्वेद) BAMS (Ayurveda)
  • बीएचएमएस (होम्योपैथी) BHMS (Homeopathy)
  • बी.फार्मा (फार्मेसी) B. Pharma (Pharmacy)
  • बीपीटी (फिजियोथेरेपी) BPT (Physiotherapy)
  • बम्स (यूनानी चिकित्सा) Bombs (Greek medicine)
  • बीएएसएलपी (ऑडियोलॉजी और स्पीच-लैंग्वेज थेरेपी) BASLP (Audiology and Speech-Language Therapy)

मेडिकल छात्रों के लिए कुछ प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं के नाम निम्नलिखित है –

प्रवेश परीक्षा

कॉलेज/यूनिवर्सिटी

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस एग्जाम फॉर अंडर ग्रेजुएट (नीट-अंडर ग्रेजुएट)

National Eligibility Cum Entrance Exam for Undergraduate [NEET]

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा आयोजित अखिल भारतीय स्तर पर एमबीबीएस / बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पात्रता परीक्षा

आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज इंट्रेंस एग्जाम (एएफएमसी)

Armed Forces Medical College Entrance Exam [AFMC]

आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज के लिए प्रवेश परीक्षा

एम्स एमबीबीएस

[AIIMS MBBS]

अखिल भारतीय स्तर पर एम्स द्वारा आयोजित एम्स दिल्ली और अन्य 6 एम्स में  एमबीबीएस / बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु पात्रता परीक्षा

जेआईपीएमईआर एमबीबीएस इंट्रेंस टेस्ट

[JIPMER MBBS Entrance Test]

एमबीबीएस कोर्सेज में एडमिशन हेतु जवाहर लाल इंस्टीट्यूट ऑफ़ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा

एआईपीवीटी

[AIEPVT]

भारत में पांच वर्ष के लिए बी.वीएससी और एएच में एडमिशन हेतु अखिल भारतीय प्री-वेटरीनरी टेस्ट (एआईपीवीटी)


कॉमर्स [Commerce]

वो छात्र जिन्होंने 11 वीं और 12 वीं कक्षा की पढ़ाई कॉमर्स स्ट्रीम के साथ की है उनके लिए चार्टर्ड एकाउंटेंसी सबसे लोकप्रिय पाठ्यक्रम विकल्पों में से एक है। इसके माध्यम से आप सरकारी कानूनों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते है साथ ही आपको सरकारी कानूनों के अनुसार कंपनियों के वित्तीय मामलों की सम्पूर्ण जानकारी सहित लेखा परीक्षा रिपोर्ट बनाने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण और लेखा परीक्षा के माध्यम से कराधान, वित्तीय लेनदेन आदि विषयों की जानकारी प्रदान की जाती है।

चार्टर्ड एकाउंटेंसी [Chartered accountancy] के अलावा, कॉमर्स छात्रों के लिए उपलब्ध अन्य लोकप्रिय पाठ्यक्रम विकल्प बिज़नेस मैनेजमेंट (बीबीए), बीकॉम, बीकॉम (एच), अर्थशास्त्र (एच), सीएस, लॉ, ट्रैवल एंड टूरिज़्म आदि में ग्रेजुएशन है. इन कोर्सेज की मदद से निवेश बैंकर, ब्रांड मैनेजर, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजर और अन्य प्रतिष्ठित पदों के रूप में एक प्रतिष्ठित  करियर बनाया जा सकता है। लेकिन अगर आपके पास 12 वीं स्तर के मैथमेटिक्स विषय नहीं हैं तो आप अन्य उपलब्ध पाठ्यक्रमों के लिए योग्य नहीं हो सकते हैं।

कॉमर्स छात्रों के लिए कुछ प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं के नाम निम्नलिखित है –

प्रवेश परीक्षा

कॉलेज/यूनिवर्सिटी

सीपीटी इंट्रेंस एग्जाम –फाउंडेशन कोर्स अथवा कॉमन प्रोफिसिएन्सी टेस्ट

CPT Entrance Exam-Foundation Course or Common Proficiency Test

भारत के चार्टर्ड एकाउंटेंट्स  संस्थान आईसीएआई द्वारा आयोजित चार्टर्ड एकाउंटेंसी कोर्स के लिए प्रवेश स्तर की परीक्षा

यूपीएसई प्रवेश परीक्षा

[UPSC Entrance Exam]

उत्तर प्रदेश टेक्नीकल यूनिवर्सिटी(यूपीटीयू)

आईपीयू सीईटी प्रवेश परीक्षा

[IPU CET Entrance Exam]

गुरूगोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (जीजीएसआईपीयू) द्वारा आयोजित आम प्रवेश परीक्षा

एसईटी प्रवेश परीक्षा

[SET Entrance Exam]

18 ग्रेजुएशन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सिम्बायोसिस विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा

एलएसएटी प्रवेश परीक्षा [LSAT-Law School Entrance Exam]

भारत में कई कानून संस्थानों के लिए अनिवार्य प्रवेश परीक्षा

सीएलएटी प्रवेश परीक्षा [CLAT- Common Law Entrance Exam]

राष्ट्रीय स्तर पर लॉ पाठ्यक्रम में एडमिशन हेतु प्रवेश परीक्षा

 

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Date: 25 Mar 2019

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